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जानिए क्यों वर्जित है सबरीमाल में स्त्रियों का प्रवेश

(Last Updated On: December 6, 2018)

आपको बता दें कि केरल के ऐतिहासिक सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 उम्र तक की महिलाओं के प्रवेश करने पर पाबंदी थी पहाड़ियों पर बने इस मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं, लेकिन इनमें मुख्य रूप से पुरुष होते हैं महिलाओं में सिर्फ 10 साल की उम्र से छोटी बच्चियों और 50 साल से बड़ी औरतों को वहां आने की अनुमति है।

सबरीमाला मंदिर श्रद्धालुओं के लिए साल में सिर्फ नवंबर से जनवरी तक खुलता है बाकी महीने इसे बंद रखा जाता है भगवान अयप्पा को ब्रह्मचारी और तपस्वी माना जाता है इसलिए मंदिर में मासिक धर्म के आयु वर्ग में आने वाली स्त्रियों का जाना प्रतिबंधित है।

दक्षिण पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान अयप्पा को भगवान शिव और मोहिनी (भगवान विष्णु का रूप) का पुत्र माना जाता है। जिनका नाम हरिहरपुत्र भी है।

यहां आने वाले श्रद्धालुओं को 40 दिन पहले से सात्विक और पवित्र जीवनशैली अपनानी पड़ती है। मंदिर तक पहुंचने के लिए 18 पवित्र सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं जिनमें से पहली पांच सीढ़ियां मनुष्य की 5 इंद्रियों, फिर 8 सीढ़ियां मानवीय भावनाओं, अगली 3 सीढ़ियां मानवीय गुणों और आखिर की 2 सीढ़ियां ज्ञान और अज्ञान का प्रतीक मानी जाती हैं।

सबरीमाला मंदिर में स्त्रियों का प्रवेश वर्जित है । खासकर 15 वर्ष से ऊपर की लड़कियां व महिलाएं इस मंदिर में नहीं जा सकतीं हैं । यहां सिर्फ छोटी बच्चियां व बूढ़ी महिलाएं ही प्रवेश कर सकती हैं । इसके पीछे मान्यता है कि ईश्वर अयप्पा ब्रह्मचारी थे । सबरीमाला मंदिर में हर वर्ष नवम्बर से जनवरी तक, श्रद्धालु अयप्पा ईश्वर के दर्शन के लिए जाते हैं, बाकि पूरे वर्ष यह मंदिर आम भक्तों के लिए बंद रहता है । ईश्वर अयप्पा के भक्तों के लिए मकर संक्रांति का दिन बहुत खास होता है, इसीलिए उस दिन यहां सबसे ज़्यादा भक्त पहुंचते हैं ।

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Tell you that the historic Sabarimala temple in Kerala was prohibited from entry of women from the age of 10 to 50. In this temple built on hills, lakhs of pilgrims come every year, but these are mainly men in women, only 10 years old Younger women and women older than 50 are allowed to come here.

The Sabarimala temple is open only for the devotees from November to January, and it is kept closed for the rest of the month. Lord Ayyappa is considered as Brahmachari and ascetic, hence, women in the age group of menstrual periods are prohibited from going to the temple.

According to South mythology Lord Ayyappa is considered to be the son of Lord Shiva and Mohini (Lord Vishnu’s form). The name of Hariharaputra is also there.

The devotees who have come here have to adopt sattvic and holy lifestyles for 40 days. To reach the temple, 18 holy stairs are to be clamped, the first five stairs are considered as symbols of knowledge and ignorance of man’s 5 senses, then 8 staircases, human emotions, the next 3 stairs, human attributes, and the last two stairs.

Access to women in Sabarimala temple is prohibited. Especially girls and women above 15 years of age can not go to this temple. Only small girls and old women can enter here. It is believed that God was ayaphayam brahmachari. Every year from November to January in the Sabarimala temple, devotees visit Ayappa for the visit of God, but for the rest of the year this temple is closed for the common devotees. Makar Sankranti’s day is very special for the devotees of God Ayyappa, so that devotees reach the highest place on that day.

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